उमरिया।
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और दूरस्थ गांवों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित आजीविका एक्सप्रेस योजना के अंतर्गत शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने करकेली विकासखंड के तमन्नारा संकुल को आजीविका एक्सप्रेस वाहन प्रदाय किया।
ग्रामीण विकास की मजबूत कड़ी
आजीविका एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, सस्ती और समुदाय आधारित परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि दूरदराज के गांव प्रमुख बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थान और अन्य आवश्यक सेवाओं से सुगमता से जुड़ सकें। यह सेवा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित की जाती है, जिससे रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
बढ़ा अनुदान, बढ़ी संभावनाएं
तमन्नारा संकुल को वाहन क्रय हेतु पूर्व में शासन से 6 लाख 85 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था। ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष अनुदान राशि बढ़ाकर 8 लाख 50 हजार रुपये कर दी गई है।
इस बढ़ी हुई सहायता से न केवल बेहतर वाहन क्रय संभव हुआ है, बल्कि समूह की महिलाओं के लिए आय के स्थायी साधन भी मजबूत हुए हैं।
“लखपति दीदी” बनने की ओर कदम
आजीविका एक्सप्रेस से जुड़ी महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। वाहन संचालन से उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और “लखपति दीदी” अभियान के तहत नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
पूर्व में वर्ष 2023 में करकेली एवं मानपुर विकासखंड को एक-एक आजीविका एक्सप्रेस वाहन प्रदान किया गया था, जिनका सफल संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं।
पाली ब्लॉक को भी मिलेगी सौगात
आने वाले समय में पाली विकासखंड के लिए भी दो अतिरिक्त आजीविका एक्सप्रेस वाहन स्वीकृत किए गए हैं। इससे और अधिक ग्रामीण क्षेत्रों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा तथा महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभय सिंह, वनमंडलाधिकारी विवेक सिंह, आशुतोष अग्रवाल सहित समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर एक सशक्त पहल
आजीविका एक्सप्रेस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मसम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक प्रगति की नई पहचान बनती जा रही है। यह पहल गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए महिला सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रही है।






