सिंगरौली, 21 जनवरी 2026।
जनसेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुशासन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपखण्ड अधिकारी सिंगरौली सुरेश जाधव ने लोक सेवा केंद्र बैढ़न (ग्रामीण) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह परखना था कि आम नागरिकों को शासन की सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप, समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से मिल रही हैं या नहीं।
🔎 आवेदकों से सीधे संवाद कर जानी हकीकत
निरीक्षण के दौरान उपखण्ड अधिकारी ने केंद्र में उपस्थित आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। उन्होंने यह जानकारी ली कि—
- क्या सेवाएं समय पर प्रदान की जा रही हैं?
- क्या शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है?
- क्या किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि या असुविधा का सामना करना पड़ रहा है?
आवेदकों ने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि केंद्र में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है तथा उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यह प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाता है।
शुल्क सूची का स्पष्ट प्रदर्शन
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विभिन्न सेवाओं—जैसे प्रमाण पत्र, पंजीयन, आवेदन आदि—के लिए निर्धारित शुल्क की जानकारी फ्लेक्स बोर्ड के माध्यम से स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की गई है। इससे आम नागरिकों को शुल्क संबंधी पूरी जानकारी पहले से मिल जाती है और अनावश्यक भ्रम या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
उपखण्ड अधिकारी ने केंद्र परिसर का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालय के गेट की मरम्मत शीघ्र कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक सेवा केंद्र केवल सेवा प्रदान करने का स्थान नहीं, बल्कि आमजन के विश्वास का केंद्र है—इसलिए यहां स्वच्छ, व्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल वातावरण होना अनिवार्य है।
अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक टीम ने केंद्र की कार्यप्रणाली, अभिलेखों एवं सेवा वितरण प्रक्रिया का भी अवलोकन किया।
पारदर्शिता और जनसुविधा के प्रति प्रतिबद्ध प्रशासन
उपखण्ड अधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, जिससे जनसेवा प्रणाली में सुधार और विश्वास दोनों मजबूत हो सकें।




